1 जनवरी 2027 से ऑनलाइन शॉपिंग के नए नियम: असली छूट, साफ फीस, शिकायत का जल्दी निपटारा
1 जनवरी 2027 से शॉपिंग साइटों को सेल कीमत के साथ पिछले 30 दिन की सबसे कम कीमत दिखानी होगी और 48 घंटे में शिकायत का जवाब देना होगा।
उपभोक्ता मामले विभाग ने 9 सितंबर 2026 को Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026 अधिसूचित किए। ये शॉपिंग ऐप और वेबसाइटों पर लागू होते हैं, जिनमें Amazon, Flipkart और Myntra जैसे मार्केटप्लेस भी शामिल हैं, और SCC Online और LawBeat के मुताबिक ये 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।
अभी चल रही त्योहारी सेल इनके दायरे में नहीं हैं। नए नियम 2027 की पहली बड़ी सेल से काम आएंगे, जैसे रिपब्लिक डे सेल।
"पहले की कीमत" असली होनी चाहिए
आज सेल पेज पर सेल कीमत के बगल में ऊंची "पहले की कीमत" दिखाई जा सकती है, जिससे छूट असल से बड़ी लगती है। 1 जनवरी 2027 से जब कोई साइट कीमत घटाने का ऐलान करेगी, तो उसे नई कीमत के बगल में पिछली कीमत दिखानी होगी। नियमों के मुताबिक पिछली कीमत वह है जो कीमत घटाने के ऐलान से पहले के 30 दिनों में उस प्रोडक्ट की सबसे कम कीमत थी।
यानी अगर सेल से पहले के महीने में कोई फोन ₹62,999 में बिका, तो साइट यह नहीं दिखा सकती कि उसकी कीमत ₹79,999 से घटाई गई है। बैंक और कार्ड ऑफर के बाद की आखिरी कीमत की तुलना आपको फिर भी करनी होगी, लेकिन शुरुआती कीमत ईमानदार होनी चाहिए।
शिकायत का जल्दी निपटारा
- साइट के शिकायत अधिकारी को 48 घंटे में आपकी शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होगी।
- शिकायत मिलने के एक महीने के अंदर उसका निपटारा करना होगा।
- साइट ने आपकी शिकायत जैसे दर्ज की, उसकी कॉपी आपको मिलनी चाहिए।
- साइटों को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की प्रक्रिया में शामिल होना होगा, जो पहले अपनी मर्जी पर था।
और क्या दिखेगा
- स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग पर साफ निशान लगाना होगा, और साइटें आपको गुमराह करने के लिए सर्च नतीजों में हेरफेर नहीं कर सकतीं।
- विक्रेता की जानकारी, जैसे कारोबार का नाम, पता, संपर्क और रेटिंग, खरीदने से पहले दिखानी होगी।
- बिल पर विक्रेता का नाम: इनवॉइस पर विक्रेता का नाम उतने ही बड़े अक्षरों में होना चाहिए जितना साइट का नाम, जिससे वारंटी और रिटर्न में मदद मिलती है।
- आयात किए गए सामान पर मूल देश का पूरा नाम दिखाना होगा।
- रिटर्न, रिफंड और वारंटी की शर्तें, रिटर्न शिपिंग के खर्च समेत, प्रोडक्ट पेज पर दिखानी होंगी।
- बंडल फीस नहीं: मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म से जुड़ी न होने वाली सेवाओं के लिए आपसे बंडल फीस नहीं ले सकता। लॉयल्टी और मेंबरशिप प्रोग्राम, जैसे पेड शॉपिंग मेंबरशिप, की अब भी इजाजत है।
- डार्क पैटर्न: साइटों को हर साल खुद जांच करनी होगी कि उनमें नकली जल्दबाजी या छिपे चार्ज जैसी चालें तो नहीं हैं, और यह सर्टिफिकेट दिखाना होगा कि वे 2023 के डार्क पैटर्न दिशानिर्देशों का पालन करती हैं।
कार्ड ऑफर पर क्या असर
इन नियमों से बैंक ऑफर नहीं बदलते। 10% इंस्टेंट डिस्काउंट की अपनी सीमा और न्यूनतम ऑर्डर अब भी रहेगा, इसलिए पेमेंट से पहले इन्हें जांच लें। बदलाव यह है कि जिस कीमत से छूट शुरू होती है, वह ऐसी कीमत होनी चाहिए जिस पर प्रोडक्ट पिछले 30 दिनों में सच में बिका हो। हमारा सेल ऑफर पेज बताता है कि हर सेल में कौन सा कार्ड सबसे ज्यादा बचत कराता है।
अगर 1 जनवरी 2027 के बाद कोई साइट इन नियमों को तोड़ती है, तो पहले साइट के शिकायत अधिकारी से शिकायत करें और फिर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर 1915 या consumerhelpline.gov.in पर।
स्रोत: Department of Consumer Affairs: Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026, SCC Online: Centre notifies e-commerce rule changes, LawBeat: annual dark pattern audits and prior price disclosures, Argus Partners: overview of the amendment rules.
नियम, दरें और सीमाएं बदलती रहती हैं। यहां के किसी आंकड़े पर भरोसा करने से पहले ऊपर दिए आधिकारिक स्रोत को देखें। पोस्ट में लेखक के रेफरल या एफिलिएट लिंक कभी नहीं होते।
यह लेख अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ गलत लगे, तो hello@saifu.in पर ईमेल करें।